जब स्वास्थ्य सेवा कर्मियों पर हमला होता है, तो पूरा समाज प्रभावित होता है। अस्पताल में हिंसा से न केवल तात्कालिक इलाज रुकता है, बल्कि डॉक्टरों का मनोबल गिरता है और स्वास्थ्य सुविधाओं का नुकसान होता है।